Friday, July 18, 2008

"लगन "

चाँदी के तारों-सी लहरे
और रेशम-सा मन ,
भोर का तारा एक जुलाहा
सपने बुनने की लगन ...

18 comments:

रश्मि प्रभा said...

पन्त जी के प्रकृति रूप सी लगीं हैं ये पंक्तियाँ......
जिसमे सजीव रहस्य दिखे.

Dr. Uday 'Mani' Kaushik said...

सादर अभिवादन डॉ. साहब ,
" वाह "

अच्छी रचना के लिए बहुत बधाई
अपने परिचय का एक मुक्तक और एक कविता भेज रहा हूँ ,
देखके बताईएगा

मुक्तक

हमारी कोशिशें हैं इस, अंधेरे को मिटाने की
हमारी कोशिशें हैं इस, धरा को जगमगाने की
हमारी आँख ने काफी, बड़ा सा ख्वाब देखा है
हमारी कोशिशें हैं इक, नया सूरज उगाने की ..

कविता

चाहता हूँ ........
एक ताजी गंध भर दूँ
इन हवाओं में.....
तोड़ लूँ
इस आम्र वन
के ये अनूठे
बौर पके महुए
आज मुट्ठी में
भरूं कुछ और
दूँ सुना
कोई सुवासित श्लोक फ़िर
मन की सभाओं में
आज प्राणों में उतारूँ
एक उजला गीत
भावनाओं में बिखेरूं
चित्रमय संगीत
खिलखिलाते
फूल वाले छंद भर दूँ
मृत हवाओं मैं ......

डॉ.उदय 'मणि'कौशिक
umkaushik@gmail.com
हिन्दी की श्रेष्ठ ,और सार्थक रचनाओं के लिए देखें
http://mainsamayhun.blogspot.com

Swati Pande Nalawade said...

Waah bahut khubsurat...

Dr Ramji..I think I simply loved this peice...bahut thode me itna kuch kah jana....sundar!

योगेन्द्र मौदगिल said...

Bhai Wah.......
sadhuwaad

ilesh said...

kam lafjo me bahot kuchh keh diya aapne Dr. ji

गीता पंडित (शमा) said...

"gaagar men saagar"
bhar diya hai aapne...

badhaee...aapko...

shubh-kaamnaen

Akshaya-mann said...

kitni sundar abhivyakti hai ek mahan vyaktitv ko darshati hain

Manish said...

चार पंक्तियों ने चार चाँद लगा दिये

उन चाँदी के तारों के साथ …

bhawna....anu said...

bahut sunder.....bhut din baad aapki rachna padhne ko mili....chand shabdo me hi gazab ka saundarya.

Advocate Rashmi saurana said...

bhut khub. ati uttam.

masoomshayer said...

julaha man achha laga
Anil

shama said...

"Bhorka taara, ek julaha,
Sapne bunnekee lagan"
Kitna khoobsoorat khayal hai...
"Kuchh yunhee" kee bhee doosari rachana"...Wo deewanagar tha...." behad pasand aayee. Mai pehlee baar apke blogpe aayee...Bada achha laga...Kabhi aapbhi padhariye...ek shensahit nimantran !

ilesh said...

short n sweet...nice one

Akshaya-mann said...

namaste giri ji......
मैंने मरने के लिए रिश्वत ली है ,मरने के लिए घूस ली है ????
๑۩۞۩๑वन्दना
शब्दों की๑۩۞۩๑

आप पढना और ये बात लोगो तक पहुंचानी जरुरी है ,,,,,
उन सैनिकों के साहस के लिए बलिदान और समर्पण के लिए देश की हमारी रक्षा के लिए जो बिना किसी स्वार्थ से बिना मतलब के हमारे लिए जान तक दे देते हैं
अक्षय-मन

kayla said...

Just want to say you have a great site lay out. I saw that you are a doctor. I just think that is great. I love meeting doctors that have a blog. I am a mother of three going to school to be a nicu nurse. Our son was born last year with esophageal atresia, tracheomalacia, bronchomalacia, laryngomalacia and down syndrome. so I am into the medical stuff. I wish you the best and I hope to hear back from you.

mystic smile 'Keya' said...

Eeshwar karey ki yeh julaha kuchh aise swapn bune jo ki sada ke liye amar ho jaye...aur jinhein such hone se swam Eeshwar bhi na rok paaye...
sweet poem...again a one which is direct frm ur heart...

Neelam said...

Bahut Khoob ...

'अदा' said...

चन्द शब्दों में कितना कुछ बुन दिया आपने..
बहुत खूब...